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राहुल गांधी ने 18 साल के सार्थक की जमकर की तारीफ, बोले- "ये तो CBI से भी तेज निकला", सामने आया VIDEO

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Jun 07, 2026 04:35 pm IST,  Updated : Jun 07, 2026 05:09 pm IST

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सीबीएसई मुद्दे पर 18 साल के सार्थक की जमकर तारीफ की है और उसका वीडियो भी पोस्ट किया है।

Rahul Gandhi- India TV Hindi
राहुल गांधी Image Source : RAHUL GANDHI/X

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 18 साल के सार्थक की जमकर तारीफ की है और उसका वीडियो अपने एक्स हैंडल पर शेयर किया है। राहुल ने सार्थक की तारीफ करते हुए लिखा, "सार्थक 18 साल का है, पर सोच, साहस और सिद्धांत में किसी से कम नहीं है। उसने और उसके साथी निसर्ग ने वो कर दिखाया जो देश के बड़े मीडिया हाउस, खोजी पत्रकार नहीं कर पाए - CBSE और COEMPT की मिलीभगत को देश के सामने रख दिया।"

राहुल गांधी ने कहा, "मोदी जी चाहते हैं हमारे युवा रील्स बनाते रहें, पकौड़े तलते रहें, सवाल न पूछें, आंखें न खोलें। पर इन बच्चों ने सवाल भी पूछे। और जवाब भी ढूंढ निकाले। देश का 18 साल का बच्चा CBI से तेज निकला- नौजवानों की ये जीत सही मायने में सरकार की हार है। यही है भारत की असली युवा शक्ति- जिज्ञासु, जागरूक, जानकार। और याद रखिए, देश का भविष्य किसी बहकावे में नहीं आएगा।"

सीबीएसई ओएसएम विवाद के बाद चर्चा में आए सार्थक

सीबीएसई OSM (On-Screen Marking) विवाद मई 2026 में सामने आया था, जिसमें कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं के डिजिटल मूल्यांकन (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) सिस्टम को लेकर बड़े पैमाने पर शिकायतें सामने आईं थीं। इसके बाद 2 जून 2026 को केंद्र सरकार ने CBSE चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार का ये एक्शन सार्थक के प्रेजेंटेशन के बाद हुआ था। दरअसल सार्थक ने 7 पेज का प्रेजेंटेशन पेश किया था, जिसमें ऑन स्क्रीन मार्किंग के लिए वेंडर्स (कंपनियों) का चयन करने की टेंडर प्रक्रिया की खामियों को बताया गया था और बोर्ड से सवाल भी किए गए थे। इसके बाद ही सीबीएसई के चेयरमैन और सचिव बदल दिए गए थे।

दरअसल छात्रों का आरोप था कि स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपियां धुंधली थीं और वास्तविक लिखावट से मेल नहीं खाती थीं। आरोप ये भी लगाया गया था कि मार्किंग में गड़बड़ियां थीं, और नतीजे मैच नहीं कर रहे थे। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया था।

सार्थक खुद सीबीएसई बोर्ड के कक्षा 12 के छात्र थे और उन्होंने इसी साल 12वीं की परीक्षा दी थी। रिजल्ट के बाद उन्होंने मार्किंग सिस्टम को लेकर तमाम सवाल खड़े किए थे और अपनी आंसर शीट पर शक जताया था। इसके बाद उन्होंने नए मार्किंग सिस्टम को लेकर खामियों को प्रकाश में लाया।

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